सजाते रहो, पर दिल मत लगाओ।
जो आज है, कल याद बन जाता है।
बड़ी ख़ुशियाँ अक्सर देर से आती हैं।
कभी मुस्कान दी, कभी सब्र सिखाया।
पहला कदम हमेशा हमें ही उठाना पड़ता है।
गिरकर उठने वालों की ही कहानी लिखी जाती है।
सपनों ने अभी साथ छोड़ा नहीं।
हर दर्द ने थोड़ा और मज़बूत किया।
आज का दिन भी रब ने तोहफ़े में भेजा है।
इससे अच्छी सुबह किसने देखी भला।
कल से बेहतर बनने का एक और वादा।
दिन भर की मुस्कान भी तुम्हारे नाम।
बस एक यार की आवाज़ नहीं बदली।
ऐसे दोस्त ख़ज़ाने से कम नहीं।
वही असली यार कहलाता है।